त्यौहार
नववर्ष - द्वादशमासै: संवत्सर:।'
ऐसा वेद वचन है, इसलिए यह जगत्मान्य
हुआ। सर्व वर्षारंभों में अधिक योग्य
प्रारंभदिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है।
इसे पूरे भारत में अलग-अलग नाम से
सभी हिन्दू धूम-धाम से मनाते हैं।
हिन्दू धर्म में सूर्योपासना के लिए
प्रसिद्ध पर्व है छठ। मूलत: सूर्य
षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ
कहा गया है। यह पर्व वर्ष में दो बार
मनाया जाता है, किन्तु काल क्रम मे
अब यह बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश
वासियों तक ही सीमित रह
गया है।
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से
नवरात्रोत्सव आरंभ होता है।
नवरात्रोत्सव में घटस्थापना करते हैं।
अखंड दीप के माध्यम से नौ दिन
श्री दुर्गादेवी की पूजा अर्थात्
नवरात्रोत्सव मनाया जाता है।
श्रावण कृष्ण अष्टमी पर
जन्माष्टमी का उत्सव
मनाया जाता है। इस तिथि में दिन
भर उपवास कर रात्रि बारह बजे
पालने में बालक श्रीकृष्ण
का जन्मोत्सव मनाया जाता है,
उसके उपरांत प्रसाद लेकर उपवास
खोलते हैं, अथवा अगले दिन प्रात:
दही-कलाकन्द का प्रसाद लेकर
उपवास खोलते हैं।
आश्विन शुक्ल
दशमी को विजयादशमी का त्यौहा
र मनाया जाता है। दशहरे के पहले
नौ दिनों (नवरात्रि) में
दसों दिशाएं देवी की शक्ति से
प्रभासित होती हैं, व उन पर
नियंत्रण प्राप्त होता है,
दसों दिशाओंपर विजय प्राप्त हुई
होती है। इसी दिन राम ने रावण पर
विजय प्राप्त की थी।
शाकाहार
किसी भी हिन्दू
का शाकाहारी होना आवश्यक है,
क्योंकि शाकाहार का गुणगान
किया जाता है। शाकाहार
को सात्विक आहार
माना जाता है। आवश्यकता से
अधिक तला भुना शाकाहार ग्रहण
करना भी राजसिक माना गया है।
मांसाहार को इसलिये
अच्छा नही माना जाता,
क्योंकि मांस पशुओं की हत्या से
मिलता है, अत: तामसिक पदार्थ है।
वैदिक काल में पशुओं का मांस खाने
की अनुमति नहीं थी, एक सर्वेक्षण के
अनुसार आजकल लगभग 70% हिन्दू,
अधिकतर ब्राह्मण व गुजराती और
मारवाड़ी हिन्दू पारम्परिक रूप से
शाकाहारी हैं। वे गोमांस
भी कभी नहीं खाते, क्योंकि गाय
को हिन्दू धर्म में माता समान
माना गया है। कुछ हिन्दू मन्दिरों में
पशुबलि चढ़ती है, पर आजकल यह
प्रथा हिन्दुओं द्वारा ही निन्दित
किये जाने से समाप्तप्राय: है।
वर्ण व्यवस्था
प्राचीन हिंदू व्यवस्था में वर्ण
व्यवस्था और जाति का विशेष महत्व
था। चार प्रमुख वर्ण थे - ब्राह्मण ,
क्षत्रिय , वैश्य , शूद्र। पहले यह
व्यवस्था कर्म प्रधान थी। अगर कोइ
सेना में काम करता था तो वह
क्षत्रिय हो जाता था चाहे
उसका जन्म किसी भी जाति में हुआ
हो।
अवतार
वैष्णव धर्मावलंबी और अधिकतर हिंदू
भगवान विष्णु के १० अवतार मानते
हैं:- मत्स्य, कूर्म, वराह , वामन , नरसिंह ,
परशुराम , राम , कृष्ण , बुद्ध और कल्कि
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2015
हिन्दू त्योहार
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